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Tuesday, January 28, 2020

कोरोना वायरसः इंफ़ेक्शन से बचने के लिए क्या करें, क्या न करें

कोरोना वायरस ने चीन में सैकड़ों लोगों को बीमार कर रखा है और कई लोगों की जान ले ली है.

सांसों की तकलीफ़ बढ़ाने वाले इस वायरस की पहचान वुहान शहर में पहली बार हुई. तेज़ी से फैलने वाला ये संक्रमण निमोनिया जैसे लक्षण पैदा करता है.

चीनी अधिकारियों ने संक्रमण को बढ़ने से रोकने के लिए कुछ शहरों को देश के बाक़ी हिस्सों से अलग-थलग करके रखा हुआ है.

ये चीन में नए साल के जश्न का समय है लेकिन बदली हुई परिस्थितियों में कई प्रमुख कार्यक्रम रद्द कर दिए गए हैं.

हम नीचे दिए हुए छह मैप्स और ग्राफिक्स के ज़रिए ये समझाने की कोशिश कर रहे हैं कि चीन में आख़िर क्या चल रहा है.

1. ज़्यादातर मामले चीन में

चीन में कोरोना वायरस से सैंकड़ों लोग संक्रमित हैं. देश के लगभग बीच में पड़ने वाला हुबेई प्रांत कोरोना वायरस से सबसे ज़्यादा प्रभावित क्षेत्रों में से है. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने आने वाले समय में कोरोना वायरस से संक्रमित मामलों के बढ़ने की चेतावनी दे रखी है.

चीनी अधिकारियों ने भी कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए कई तरह के कदम उठाये हैं. हुबेई प्रांत के कई शहरों में यात्रा प्रतिबंध लागू कर दिए गए हैं और आम लोगों से सार्वजनिक जगहों पर मास्क पहनकर रहने के लिए कहा गया है.

चीन की सरकार ने शंघाई की फ़ॉरबिडेन सिटी और ग्रेट वॉल ऑफ़ चीन के कुछ हिस्सों, यहां तक कि कई बौद्ध मंदिरों को भी बंद कर दिया है. ये चीन में नए साल के जश्न का समय है, हफ़्ते भर की छुट्टियां शुरू हो गई हैं, लाखों लोग घर जाने के लिए यात्राएं करते हैं.

और ऐसे समय में प्रतिबंधों की लिस्ट लंबी होती जा रही है. फिलहाल विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना वायरस को 'अंतरराष्ट्रीय आपातकाल' का दर्ज नहीं दिया है. इसकी वजह ये है कि चीन के बाहर कोरोना वायरस के संक्रमण के मामले कम सामने आए हैं.

विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक डॉक्टर टेड्रोस एडहानोम ग़ेब्रेयेसुस ने कहा, "कोई ग़लती न करें. ये मुश्किल समय है. चीन में आपातकाल जैसी स्थिति है."

2. सबसे ज़्यादा प्रभावित हुबेई

हुबेई प्रांत इस महामारी के केंद्र की तरह बन गया है. यहां अभी तक कोरोना वायरस के संक्रमण के 500 से ज़्यादा मामले दर्ज़ किए जा चुके हैं. इस प्रांत के दस शहरों के कम से कम दो करोड़ लोग यात्रा प्रतिबंधों की वजह से प्रभावित हुए हैं. इसमें वुहान शहर भी है जहां सबसे पहले कोरोना की पहचान हुई थी.

वुहान हुबेई प्रांत की राजधानी भी है. माना जा रहा है कि कोरोना वायरस की शुरुआत शहर के सीफूड मार्केट से हुई. यानी वो बाज़ार जहां मछलियां और दूसरे समुद्री जीव खाने के लिए खरीदे जाते हैं. वुहान की आबादी क़रीब एक करोड़ दस लाख की है.

सरकार ने ये शहर बंद कर दिया है. विमान सेवाएं और शहर से बाहर और शहर में दाख़िल होने वाली रेल सेवाएं स्थगित कर दी गई हैं.

वुहान यूनिवर्सिटी ऑफ़ टेक्नॉलॉजी के एक भारतीय छात्र चॉन्गथान पेपे बिफहोवजित ने बीबीसी से कहा, "मेरी यूनिवर्सिटी में हरेक छात्र के शरीर के तापमान की जांच हर दिन की जा रही है. सब को मास्क दिया गया है. यूनिवर्सिटी का अपना अस्पताल और एंबुलेंस सेवा है."

सोशल मीडिया पर वुहान के वीडियो शेयर किए जा रहे हैं जिनमें स्थानीय अस्पतालों के बाहर लंबी क़तारें देखी जा सकती हैं.

मेडिकल सेवाओं की बढ़ती ज़रूरत को पूरा करने के लिए प्रशासन शहर में हज़ार बिस्तरों वाला का एक नया अस्पताल बना रहा है. हुबेई के सरकारी अख़बार चांग्जीआंग डेली ने कहा है कि ये अस्पताल तीन फ़रवरी तक बनकर तैयार हो जाएगा. अस्पताल के निर्माण कार्य के लिए 35 खुदाई की मशीनें और 10 बुलडोज़र लगाए गए हैं.

3. कोरोना वायरस के मामले

चीन के बाहर कोरोना वायरस के मामलों की अभी तक थाईलैंड, वियतनाम, ताइवान, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर, नेपाल, जापान, अमरीका, ऑस्ट्रेलिया और फ्रांस में पुष्टि हुई है.

दूसरे देश में संदिग्ध मामलों की जांच कर रहे हैं. इनमें ब्रिटेन और कनाडा जैसे देश हैं.

कई देशों ने तो चीन से आने वाले मुसाफिरों की जांच के लिए एयरपोर्ट पर ही एहतियाती कदम उठाए हैं. दुबई और आबू धाबी जैसे प्रमुख एयरपोर्ट्स पर ऐसा किया जा रहा है.

ताइवान ने तो वुहान से आने वाले लोगों पर पाबंदी लगा दी और अमरीका ने चीन में मौजूद अपने नागरिकों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है.

4. कोरोना वायरस के लक्षण
कोरोना वायरस बेहद आम होते हैं. इसके शुरुआती लक्षणों से अंदाजा लगाया जा सकता है, सांस लेने में थोड़ी तकलीफ़, खांसी या फिर बहती हुई नाक. लेकिन कोरोना परिवार के कुछ वायरस बेहद ख़तरनाक़ होते हैं जैसे सार्स (सिवियर एक्यूट रेसपिरेटरी सिंड्रोम) और मर्स (मिडल ईस्ट रेसपिरेटरी सिंड्रोम).

वुहान से शुरू हुई इस महामारी के लिए जिम्मेदार विषाणु को नॉवेल कोरोना वायरस या nCoV का नाम दिया गया है. मालूम पड़ता है कि ये कोरोना परिवार की एक नई नस्ल है जिसकी पहचान अभी तक इंसानों में नहीं हो पाई थी.